ध्यान में अलग-अलग नाद क्यों सुनाई देते हैं? (Why Do We Hear Different Inner Sounds in Meditation?)
ध्यान करते समय कई साधक अनुभव करते हैं कि उन्हें अलग-अलग प्रकार की आंतरिक ध्वनियाँ (inner sounds) सुनाई दे रही हैं। जैसे — घंटी, शंख, बांसुरी, मधुमक्खी की गूंज, या सूक्ष्म झंकार। इन नादों का अनुभव केवल श्रवण नहीं होता — ये भीतर कुछ खोलते हैं। ये संकेत हो सकते हैं कि साधक की चेतना गहराई में उतर रही है। 🔊 ये अलग-अलग नाद क्या हैं? प्राचीन ग्रंथ जैसे नाद बिंदू उपनिषद और हठयोग प्रदीपिका बताते हैं कि साधना की गहराई में प्रवेश करने पर साधक अलग-अलग अनाहत नाद (Anahata Naad - unstruck inner sounds) को सुनता है। हर नाद एक विशेष चेतना स्तर और ऊर्जा केंद्र से जुड़ा होता है: नाद का प्रकार अनुभव संकेत घंटी की आवाज़ स्पष्ट, स्थिर टोन ध्यान की शुरुआत और चित्त की एकाग्रता शंखध्वनि गूंजती हुई, गंभीर आंतरिक ऊर्जा का जागरण बांसुरी कोमल, मधुर हृदय और प्रेम की सूक्ष्म तरंगें मधुमक्खी की गूंज कंपनयुक्त, गहरा नाद ध्यान की गहराई और समाधि की निकटता 🌟 साधकों के अनुभव: अनुभव 1 (दिल्ली): " ध्यान के तीसरे सप्ताह में मुझे अचानक लगातार मधुर बांसुरी जैसा स्वर सुनाई देने लगा। वह कोई बाहर की आवाज़...